
पल ही एसा था की हम इंकार नही कर पाए ,
ज़माने के डर से इकरार नही कर पाए ,
नही थी जिंदगी जिनके बिना मुनासिब ,
छोड़ दिया साथ और हम सवाल भी नही कर पाए
राहुल कुमार पचोरी
******प्यार का मारा *********प्यार हमारा ************
हसरतो की महफ़िल में देख एसा होता हैं, एक पल जो हँसता हैं वो बार बार रोता हैं.प्यार तो दो दिलो का मेल है इससे कभी बेवफाई मत करना , प्यार तो सिर्फ नसीब वालो को मिलता हैं . प्यार हमारा प्यार का मारा rahul pachori

1 टिप्पणी:
महफिल न सही तन्हाई तो मिलती है,
मिलन न सही जुदाई तो मिलती है,
कौन कहता है मोहब्बत में कुछ नही मिलता,
वफ़ा न सही बेवफाई तो मिलती है
ye sab bate wahi samjta he ko pyar karne ki takat rakhta he.
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